Sex ki problem ko door Karne k upaay
कई जंगली पौधे हमारे घर के आसपास या घर के गार्डन में ही नजर जाते हैं, जिनमें गोखरू का पौधा भी है। यह जंगली पौधे की तरह ही दिखता है, जिसमें पीले रंग के छोटे फूल खिलते हैं और जिसका फल कांटे की तरह होता है। इसका वैज्ञानिक नाम ट्रिबुलस टेरेस्ट्रिस (Tribulus terrestris) है। इसे गोखरू, गुड़खुल और गोक्षुर के नाम से भी जाना जाता है। स्टाइलक्रेज के इस लेख में आपको गोखरू के बारे में ही बताएंगे कि कैसे गोखरू का उपयोग करके आपको गोखरू के फायदे भी मिल सकते हैं और आपने अगर थोड़ी लापरवाही से इसका सेवन किया तो गोखरू के नुकसान भी हो सकते हैं।
गोखरू के स्वास्थ्य से जुड़े कई फायदों के बारे में नीचे बताया जा रहा है, कृपया नीचे दी गई जानकारी को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
मूत्रकृच्छ्र की बीमारी में मूत्र संबंधी बहुत तरह की समस्याएं आती हैं, जैसे- मूत्र करते समय दर्द और जलन, रुक-रुक पेशाब आना, कम पेशाब आना आदि। ऐसे समस्याओं में गोखरू बहुत काम आता है।
- 20-30 मिली गोखरू पञ्चाङ्ग काढ़ा (Gokhru Kadha) में 125 मिग्रा यवक्षार या मधु (एक चम्मच) डालकर दिन में दो-तीन बार पिलाने से मूत्रकृच्छ्र में लाभ होता है।
- गोखरू की जड़ (10-15 ग्राम) और समान मात्रा में चावलों को एक साथ अच्छी तरह मिलाकर पानी में उबालकर पिलाने से मूत्रवृद्धि होती है।
- 2 ग्राम पतंजलि गोखरू चूर्ण (Gokhru patanjali) में 2-3 नग काली मिर्च और 10 ग्राम मिश्री मिलाकर सुबह, दोपहर और शाम सेवन करने से मूत्रकृच्छ्र में लाभ होता
Gokhuru ko roj kadha banakr peene se sex ki problem theek ho jati hai. ..peshab me Jalan nahi hoti hai ....urin me protin Jana b banad ho jata hai ....

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